नई दिल्ली

मुंडन मुहूर्त 2026: शुभ तिथियाँ और समय

बच्चे के पहले मुंडन (चूड़ाकर्म) संस्कार के लिए शुभ तिथियाँ और समय। मुंडन सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार को, चातुर्मास और खरमास के बाहर किया जाता है।

20 मुहूर्त · नई दिल्ली

फ़रवरी 2026

  • फ़रवरी5गुरुवार00:22 – 07:06 (6 फ़रवरी)नक्षत्र: हस्ततिथि: कृष्ण पंचमी
  • फ़रवरी6शुक्रवार07:06 – 01:19 (7 फ़रवरी)नक्षत्र: हस्त, चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
  • फ़रवरी18बुधवार16:58 – 21:16नक्षत्र: शतभिषातिथि: शुक्ल द्वितीया
  • फ़रवरी25बुधवार02:41 – 06:49 (26 फ़रवरी)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल दशमी
  • फ़रवरी26गुरुवार06:49 – 12:11नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल दशमी
  • फ़रवरी27शुक्रवार10:49 – 11:32नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल एकादशी

मार्च 2026

  • मार्च5गुरुवार08:18 – 05:24 (6 मार्च)नक्षत्र: हस्ततिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

अप्रैल 2026

  • अप्रैल20सोमवार04:15 – 05:49 (21 अप्रैल)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल पंचमी
  • अप्रैल22बुधवार22:50 – 05:47 (23 अप्रैल)नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • अप्रैल23गुरुवार05:47 – 20:49नक्षत्र: पुनर्वसुतिथि: शुक्ल सप्तमी
  • अप्रैल29बुधवार05:42 – 19:52नक्षत्र: हस्ततिथि: शुक्ल त्रयोदशी

मई 2026

  • मई1शुक्रवार10:00 – 21:14नक्षत्र: स्वातीतिथि: शुक्ल पूर्णिमा
  • मई4सोमवार09:58 – 16:12नक्षत्र: ज्येष्ठातिथि: कृष्ण तृतीया

जून 2026

  • जून17बुधवार05:23 – 21:39नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्यतिथि: शुक्ल तृतीया
  • जून24बुधवार05:24 – 05:24 (25 जून)नक्षत्र: चित्रा, स्वातीतिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
  • जून25गुरुवार05:24 – 07:08नक्षत्र: स्वातीतिथि: शुक्ल एकादशी

जुलाई 2026

  • जुलाई2गुरुवार16:39 – 22:32नक्षत्र: श्रवणतिथि: कृष्ण तृतीया

नवंबर 2026

  • नवंबर25बुधवार20:36 – 06:52 (26 नवंबर)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण द्वितीया
  • नवंबर26गुरुवार06:52 – 17:47नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

दिसंबर 2026

  • दिसंबर14सोमवार07:05 – 19:16नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठातिथि: शुक्ल पंचमी

समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।

ये मुहूर्त कैसे चुने गए

शुभ नक्षत्र
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
शुभ वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
शुभ तिथियाँ
शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी
टाले गए योग
व्यतीपात, वैधृति
इन समयों को छोड़ा गया है
खरमास (सूर्य धनु या मीन में), चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी), गुरु या शुक्र अस्त, और उदय के बाद के पहले 3 दिन (बाल्यावस्था), अधिक मास, भद्रा (विष्टि करण)

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