द्वारका

गृह प्रवेश मुहूर्त 2026: शुभ तिथियाँ और समय

नए घर में प्रवेश के लिए शुभ तिथियाँ और समय। गृह प्रवेश के लिए ध्रुव और मृदु नक्षत्र लिए जाते हैं और यह केवल माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक और मार्गशीर्ष मास में किया जाता है।

36 मुहूर्त · द्वारका

फ़रवरी 2026

  • फ़रवरी6शुक्रवार00:24 – 01:19 (7 फ़रवरी)नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण पंचमी
  • फ़रवरी11बुधवार09:59 – 10:53नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण दशमी
  • फ़रवरी19गुरुवार20:52 – 07:22 (20 फ़रवरी)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल तृतीया
  • फ़रवरी20शुक्रवार07:22 – 14:38नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल तृतीया
  • फ़रवरी21शनिवार13:01 – 19:07नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल पंचमी
  • फ़रवरी25बुधवार02:41 – 07:17 (26 फ़रवरी)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल दशमी
  • फ़रवरी26गुरुवार07:17 – 12:11नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल दशमी

मार्च 2026

  • मार्च4बुधवार07:39 – 07:12 (5 मार्च)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • मार्च5गुरुवार07:12 – 08:18नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण द्वितीया
  • मार्च6शुक्रवार09:30 – 17:53नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण तृतीया
  • मार्च9सोमवार23:27 – 07:07 (10 मार्च)नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण सप्तमी
  • मार्च13शुक्रवार03:03 – 07:04 (14 मार्च)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण दशमी
  • मार्च14शनिवार07:04 – 04:49 (15 मार्च)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी

अप्रैल 2026

  • अप्रैल20सोमवार06:30 – 07:28नक्षत्र: रोहिणीतिथि: शुक्ल तृतीया
  • अप्रैल20सोमवार04:15 – 06:29 (21 अप्रैल)नक्षत्र: मृगशिरातिथि: शुक्ल पंचमी

मई 2026

  • मई4सोमवार06:20 – 09:58नक्षत्र: अनुराधातिथि: कृष्ण तृतीया
  • मई8शुक्रवार12:22 – 21:20नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण सप्तमी
  • मई13बुधवार06:15 – 13:30नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण एकादशी

जून 2026

  • जून24बुधवार06:11 – 13:59नक्षत्र: चित्रातिथि: शुक्ल दशमी
  • जून26शुक्रवार22:22 – 06:12 (27 जून)नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल त्रयोदशी
  • जून27शनिवार06:12 – 22:11नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल त्रयोदशी

जुलाई 2026

  • जुलाई1बुधवार06:51 – 16:05नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • जुलाई6सोमवार01:41 – 06:15 (7 जुलाई)नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: कृष्ण सप्तमी

नवंबर 2026

  • नवंबर11बुधवार07:03 – 11:38नक्षत्र: अनुराधातिथि: शुक्ल द्वितीया
  • नवंबर14शनिवार20:24 – 23:24नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल पंचमी
  • नवंबर20शुक्रवार07:09 – 19:00नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदतिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी
  • नवंबर25बुधवार07:12 – 07:13 (26 नवंबर)नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरातिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
  • नवंबर26गुरुवार07:13 – 17:47नक्षत्र: मृगशिरातिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

दिसंबर 2026

  • दिसंबर2बुधवार22:52 – 07:17 (3 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण दशमी
  • दिसंबर3गुरुवार07:17 – 09:24नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण दशमी
  • दिसंबर4शुक्रवार10:23 – 23:45नक्षत्र: चित्रातिथि: कृष्ण एकादशी
  • दिसंबर11शुक्रवार03:04 – 07:23 (12 दिसंबर)नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल तृतीया
  • दिसंबर12शनिवार07:23 – 14:06नक्षत्र: उत्तराषाढ़ातिथि: शुक्ल तृतीया
  • दिसंबर18शुक्रवार23:14 – 07:27 (19 दिसंबर)नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल दशमी
  • दिसंबर19शनिवार07:27 – 15:58नक्षत्र: रेवतीतिथि: शुक्ल दशमी
  • दिसंबर30बुधवार07:32 – 12:36नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनीतिथि: कृष्ण सप्तमी

समय उस अवधि को दिखाते हैं जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और योग सभी अनुकूल हैं। विवाह जैसे बड़े संस्कारों में इसी अवधि के भीतर लग्न देखकर अंतिम समय तय किया जाता है। रात के बाद का समय अगले दिन की सुबह (सूर्योदय से पहले) का है।

ये मुहूर्त कैसे चुने गए

शुभ नक्षत्र
रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
शुभ वार
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार
शुभ तिथियाँ
शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी
मास (अमांत)
वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ, फाल्गुन
टाले गए योग
व्यतीपात, वैधृति
इन समयों को छोड़ा गया है
गुरु या शुक्र अस्त, और उदय के बाद के पहले 3 दिन (बाल्यावस्था), अधिक मास, पृथ्वी लोक की भद्रा (चंद्र कर्क, सिंह, कुंभ या मीन में)

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