मंत्र · शांति मंत्र

सर्वे भवन्तु सुखिनः

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

अर्थ

सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों, सभी शुभ देखें और कोई भी दुःख का भागी न बने। ॐ शांति, शांति, शांति।

कब पढ़ें या गाएँ

सबके कल्याण की प्रार्थना, जो पूजा, ध्यान या किसी भी सभा के अंत में बोली जाती है।

आरती, चालीसा, मंत्र और व्रत कथा